जानिये, आखिर नए वेरिएंट का नाम ओमिक्रॉन कैसे पड़ा

Report By Deepanshi Sharma

यह तो सभी जानते ही हैं कि बीते दो सालों में कोविड19 ने पूरी दुनिया में बहुत तबाही मचाई है. वहीं, डेल्टा वेरिएंट ने भी लोगों के बीच डर पैदा किया है. धीरे-धीरे लोगों के बीच कोरोना के लक्षणों के प्रति जानकारी बढ़ती गई. अब दुनिया भर में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) को लेकर डर और दुविधा की स्थिति बनी हुई है क्योंकि अभी तक इस ओमिक्रॉन वेरिएंट के लक्षण पूरी तरह साफ नहीं हुए हैं. लेकिन वायरस के लगतार बदलते स्‍वरूप को नाम देने का भला क्‍या तरीका है. कैसे नये वैरिएंट का नाम ओमिक्रॉन (Omicron) पड़ा और इसका मतलब क्‍या है- आइये इस बारे में जानते हैं-

हर नये वैरिएंट का नाम, ग्रीक शब्‍दावली के एल्‍फाबेट के नाम पर

WHO के अनुसार, कोरोना वायरस के नये वैरिएंट्स को आसान नॉन-साइंटिफिक नाम दिया जाना चाहिए ताकि दुनियाभर में लोग आसानी से इससे बचाव को लेकर जागरुकता फैला सकें. इसके लिए संगठन ने फैसला किया कि हर नये वैरिएंट का नाम, ग्रीक शब्‍दावली के एल्‍फाबेट के नाम पर रखा जाएगा. ग्रीक शब्‍दावली में अल्‍फा, बीटा गामा और डेल्‍टा जैसे एल्‍फाबेट हैं जिनपर वायरस के वैरिएंट को नाम दिया जा रहा है।
भारत में पाए गए B.1.617.2 वैरिएंट को इसी आधार पर डेल्‍टा वायरस नाम दिया गया था. यह वायरस का चौथा वैरिएंट था. अब प्रकाश में आए B.1.1.529 वेरिएंट को ओमिक्रॉन नाम दिया गया है. यह असल में ग्रीक शब्‍दावली का 15वीं लेटर है. बीच के कुछ एल्‍फाबेट जैसे Nu तथा Xi को छोड़ दिया गया क्‍योंकि Nu को New (नया) तथा Xi को चीन का प्रचलित सरनेम समझा जा सकता था. वायरस या वैरिएंट को नाम देते हुए यह ध्‍यान रखा जाता है कि यह किसी भी सांस्कृतिक, सामाजिक, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय या जातीय समूहों के खिलाफ या अपमानजनक न हो. ओमिक्रॉन वैरिएंट को 24 नवंबर 2021 को इसका नाम दिया गया. इसके 50 से ज्‍यादा म्‍यूटेशन भी हैं. वायरस अब तक 57 देशों में पहुंच चुका है.

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देश में आज क्या है ओमिक्रॉन की रफ्तार

देश में ओमिक्रॉन के मामले अब 27 राज्यों तक फैल गए हैं. इस बीच कोरोना की तीसरी लहर अब पूरे देश में तेजी से फैल रही है. पिछले 24 घंटे में 1,17,100 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. 836 लोग रिकवर हुए हैं जबकि 302 लोगों की मौत हुई हैं. देश में पॉजिटिविटी रेट 7.74 फीसदी पहुंच चुका है. वहीं महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 876 ओमिक्रॉन के केस सामने आए हैं. 381 लोग वहां ठीक भी हो चुके हैँ. दिल्ली में 465 ओमिक्रॉन के मरीज हैं. कर्नाटक में ओमिक्रॉन के 333 मरीज हैं. इस कारण देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं. स्कूल-कॉलेज को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा कई राज्यों में एंट्री के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ओमिक्रॉन को लेकर क्या कहा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा ओमिक्रोन से घबरने की जरूरत नहीं है. मंत्री ने कहा कि अब तक ओमिक्रॉन के जो 161 मामले सामने आए हैं वे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात आदि अलग अलग राज्यों के हैं. उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन के मामलों का जल्दी पता लगाने के लिए 38 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं. वहीं मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार टीकाकरण है और हमारे देश की 88 फीसदी आबादी को कोविड रोधी टीके की पहली खुराक तथा 58 फीसदी आबादी को दूसरी खुराक लग चुकी है.

(Deepanshi is student of MA-JMC first year from Maharishi University Of Information Technology, Noida)

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