प्रोफेशनल बनाने के साथ ही योग्यता बढ़ाने वाली हो शिक्षा

  • नई शिक्षा नीति-2020 पर केन्द्रित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में शुभारंभ.
  • देश के कई विश्विद्यालयों के वाइस चांसलर और विद्वानों ने स्टूडेंट्स में स्किल्स बढ़ाने वाली शिक्षा पर जोर देने की बात प्रमुखता से कही.

लखनऊ/नोएडा. नई शिक्षा नीति-2020 पर केन्द्रित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सोमवार से महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में शुरू हुआ. यूनिवर्सिटी के लखनऊ और नोएडा कैंपस के लिए ऑनलाइन माध्यम से हुए इस प्रोग्राम में देश भर के शिक्षा से जुड़े विद्वान् शामिल हुए. सभी ने शिक्षा को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार बनाने की बात पर जोर दिया. विद्वानों ने कहा कि अब किताबी ज्ञान के साथ ही, प्रैक्टिकल आधारित पाठ्यक्रम की आवश्यकता है. इससे रोजगार की नई राहें खुलती हैं.

नई शिक्षा नीति भारत में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी- प्रो. (डॉ.) बीपी सिंह

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए महर्षि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) बीपी सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी. इसके तमाम प्रावधानों को हमने पहले से ही महर्षि यूनिवर्सिटी में लागू कर रखा है. यहाँ स्टूडेंट्स के सम्पूर्ण विकास पर ध्यान दिया जाता है. उन्हें इंडस्ट्री यानि कम्पनियों बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है. वह पूरी तरह से प्रोफेशनल बनकर निकलते हैं.

डिजिटलाइजेशन के जरिये मिलेगी कामयाबी- प्रो. एम. मोनी

फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर के पूर्व महानिदेशक प्रो. एम. मोनी ने कहा कि डिजिटलाइजेशन के जरिये नई शिक्षा नीति के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है. यह दौर तकनीक और योग्यता का है. इस दिशा में स्टूडेंट्स को प्रशिक्षित करना होगा.

भारतीय ज्ञान की परंपरा को आगे ले जायेंगे- प्रो प्रदीप कुमार मिश्र

विशिष्ट अतिथि अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के वाइस चांसलर प्रो प्रदीप कुमार मिश्र ने इस बात पर जोर दिया कि नई शिक्षा नीति की अच्छे ढंग से क्रियान्वयन की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारत की पुरानी गौरवशाली ज्ञान की परंपरा को समझने और उसे आगे ले जाने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास किये जाने चाहिए.

स्टूडेंट्स को चाहिए तरक्की की नई राहें- डॉ. अमिता देव

इंदिरा गाँधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन की वाइस चांसलर डॉ. अमिता देव ने कहा कि स्टूडेंट्स अब सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं चाहते, बल्कि वह चाहते हैं कि उन्हें ऐसी शिक्षा मिले जो उनकी योग्यता बढाए. साथ ही तरक्की की नई राहें खोले.

शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि वह स्टूडेंट्स में स्किल्स को बढ़ावा दे- प्रो डॉ नीलम त्यागी

दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रो डॉ नीलम त्यागी ने कहा कि अब शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि वह स्टूडेंट्स में स्किल्स को बढ़ावा दे. स्किल्स बढ़ने से आत्म निर्भर बनने की तमाम राहें खुलती हैं. उन्होंने कहा कि भारत में 15 से 59 वर्ष की 62 प्रतिशत आबादी कामकाज में लगी हुई है. देश की कुल आबादी का 54 प्रतिशत 25 वर्ष के कम उम्र की है. भारत युवाओं का देश है. इसलिए अब प्रत्येक कोर्स का पाठ्यक्रम पूरी तरह से विषय, समस्याओं और समाधान पर आधारित होना चाहिए.

महर्षि यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को प्रोफेशनल बनाया जाता है- अजय प्रकाश श्रीवास्तव

महर्षि यूनिवर्सिटी के चांसलर अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि महर्षि यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स की स्किल्स और उन्हें प्रोफेशनल बनाने पर हमेशा से काम किया जाता रहा है. उन्होंने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लेने वाले सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया.

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