इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता में दिखी स्टूडेंट्स की प्रतिभा

  • “द्वितीय महर्षि महेश योगी मेमोरियल इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2022” का आयोजन
  • महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा में जुटे लॉ स्टूडेंट्स और विशेषज्ञ

नोएडा। अपने आदर्श वाक्य “भावातीत चेतना से समृद्धि”  के उद्देश्य के साथ, महर्षि लॉ स्कूल अपनी उत्कृष्टता, धैर्य और संतुलन का एक समायोजन है, जो कानूनी क्षेत्र में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस विश्वविद्यालय की अनूठी ताकत इसकी विविधता और दृढ़ता में निहित है। महर्षि लॉ स्कूल ने हमेशा माना है कि मूट कोर्ट प्रतियोगिता प्रतिभागियों को कानून के व्यावहारिक और सैद्धांतिक पहलुओं पर एक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। साथ ही वास्तविक कानूनी समस्याओं को समझने का अवसर प्रदान करती है, जिसे कक्षा के दायरे में नहीं पढ़ाया जा सकता है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, “द्वितीय महर्षि महेश योगी  मेमोरियल इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2022”, महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ़ इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा परिसर में आयोजित की गई।

दो दिन की इस प्रतियोगिता के पहले दिन शुक्रवार को कई प्रक्रियाओं में स्टूडेंट्स ने भाग लिया। महामारी ने सभी को ऑनलाइन कार्य करने के लिए मजबूर कर दिया, था लेकिन समय के साथ महर्षि स्कूल ऑफ लॉ ने ऑफ़लाइन प्लेटफार्म से एक और सफल कार्यक्रम को अंजाम दिया। मूट प्रपोजल पर सभी का जबरदस्त प्रोत्साहन मिला।

इस वर्ष प्रस्ताव आपराधिक कानून, साक्ष्य के कानून और संवैधानिक कानून के कई पहलुओं पर आधारित था। समय के साथ लगातार उभरते तकनीकी विकास के साथ आपराधिक न्यायशास्त्र के जुड़ाव के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए वर्ष की मूट कोर्ट प्रिपोजिशन तैयार की गई थी, जो न केवल कानूनी शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव करती है बल्कि वास्तविक व्यवहार में भी लागू होती है। डॉ वीना सिंह, एडवोकेट साहिल चौधरी, एडवोकेट तदीमल्ला भास्कर गौतमी, एडवोकेट सौरव मनोहर सरदार, एडवोकेट रेणु बाजपेयी, एडवोकेट प्रबजीत संधू ने जज की भूमिका निभाई। इस मौके पर महर्षि यूनिवर्सिटी नोएडा कैम्पस के डीन एकेडमिक्स अजय कुमार, महर्षि लॉ स्कूल के डीन प्रो. केबी अस्थाना, डिप्टी डीन डॉ अनु बहल मेहरा सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी मेम्बर्स और स्टूडेंट्स मौजूद रहे।

इस प्रतियोगिता में कुल 10 टीमों ने भाग लिया। सभी ने अपने मेमोरियल समय से जमा किए तथा उनका मूल्यांकन बाहर के जज द्वारा कराया गया। प्रतियोगिता के पहले दिन, ड्रा निकाला गया, उसके बाद रिसर्चर्स टेस्ट,जिसमें सभी टीमों के शोधकर्ताओं की जांच एक परीक्षण द्वारा कराया गया। टेस्ट में प्रतिभागियों का प्रदर्शन अत्यधिक प्रभावशाली था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *