जानिये राजनीतिक रिपोर्टिंग के तरीके

बात जब राजनीतिक रिपोर्टिंग की आती है तो ध्यान रखना चाहिए कि आपके शब्द, आपकी भाषा, आपके वाक्य ऐसे न हों जो किसी की छवि को बनायें या बिगाड़ें. बतौर राजनीतिक रिपोर्टर आपको जो घट रहा है, जो दिख रहा है, उसे ही लिखना है. किसी विषय के विश्लेषण में भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप किसी के पक्ष या विपक्ष में एकतरफा न खड़ें नजर आयें. एक कामयाब राजनीतिक रिपोर्टर बनने के लिए आपको अपने में राजनीतिक समझ विकसित करनी होगी. ध्यान रखिये, राजनीतिक रिपोर्टिंग और संसदीय रिपोर्टिंग में भी बहुत फर्क है. राजनीतिक रिपोर्टिंग की इन्हीं बारीकियों पर चर्चा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पाठक.

(दिनेश पाठक 30 वर्षों से प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. ‘हिन्दुस्तान’ अखबार में कई केन्द्रों पर संपादक रहे हैं.)

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