छोटी-छोटी खुशियों में मुस्कुराना और हर पल कुछ नया सीखना ही है जिंदगी

Written by Deepanshi Sharma.

जिंदगी सिक्के के दो पहलू की तरह है…कभी सुख हैं तो कभी दुःख। कभी छांव हैं तो कभी धूप। कभी प्यार है तो कभी नफरत। कभी भीड़ है तो कभी तन्हाई। कभी सब-कुछ है तो कभी कुछ भी नहीं। कभी दौड़ में आगे रहने का मोह है तो कभी पीछे छूट जाने का डर।

कभी तानों में कटेगी, कभी तारीफों में। अगर मै पूछूं कि स्कूल क्या है तो ज़ाहिर है सभी लोग जवाब देंगे कि स्कूल एक ऐसी जगह है जहाँ हम ज्ञान लेते हैं और उस ज्ञान के आधार पर हमारा इम्तिहान होता है। जो इस इम्तिहान में फेल होता है वो उस स्कूल में कामयाब नहीं हुआ और जो पास हुआ वो उस स्कूल में कामयाब हो गया.

जिंदगी ठीक उसी स्कूल की तरह है जिसमें हर एक व्यक्ति का इम्तिहान हो रहा है। जो व्यक्ति ईश्वर के बताये रास्ते पर चलता है तो वो कामयाब हो गया और जो व्यक्ति ईश्वर की न मान कर अपनी मन मर्ज़ी पर जीता है वो फेल हो गया।

अब सवाल यह है कि फेल होकर क्या होगा! ज़ाहिर है फेल स्टूडेंट को सजा दी जाती है। या तो वो उसी क्लास में रहेगा या और सख्त सजा। जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है, लेकिन सजा देगा कौन? हम तो मर जाते हैं। अब कौन सजा देगा? हमने तो चोरी की और किसी को पता भी नहीं चला और दुनिया से चले भी गए, अब कौन सजा देगा? हमने तो पड़ोसियों का जीना हराम कर दिया, और किसी ने हमपर ऊँगली तक नहीं उठायी और हम दुनिया से चले भी गए, अब कौन सजा देगा? हमने तो निर्दोषों को मारा, और खुद भी दुनिया से चले गए, अब कौन सजा देगा…! नहीं-नहीं, कोई है जो इस चीज़ को देख रहा है। वो ईश्वर है और वही है जो बुरे कामों की सजा हमें देगा।

हम सबकी जिंदगी में कभी न कभी ऐसा समय जरूर आता है जब हमें काफ़ी दुखों का सामना करना पड़ता है। जैसे लोगों की ज़िन्दगी मे कोरोना आया था उस समय हमें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। हमें चारों तरफ़ से मुसीबत का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे समय में बहुत से लोग हार मानने लगे थे और जिस राह पर चल रहे थे उससे पीछे क़दम खींच रहे थे। लेकिन दोस्तों यही वो समय होता है जब हमें अपने हौसले और ताक़त का परिचय देना होता है। इस समय जो व्यक्ति नहीं घबराया था और मुसीबतों का डटकर सामना कर रहा था, वही जीवन में सफ़लता की नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर पाया था… यह भी ज़िन्दगी को हिम्मत से जीने का सबक सीखा कर गया।

जिंदगी में उतार चढ़ाव तो हमेशा ही आते रहते हैं,  इसलिये हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। धूप के बाद छाँव और दुख के बाद सुख यही जीवन का सार है। हमें इस बात को अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि जीवन में कोई भी चीज़ हमेशा एक समान नही रहती हैं। वक़्त के साथ सब कुछ बदलता है। चाहे कितनी भी बड़ी मुसीबत हो और कैसा भी वक्त हो,सब कुछ एक समय के बाद जरूर बदलता है।

जिंदगी की भागदौड़ के बीच में से छोटी छोटी खुशियां चुराना और उनको सीखना ही जिंदगी है। जिंदगी एक बार मिलती है, इसे हँसते-हँसते जीना चाहिए, चाहे लाख मुसीबतें सामने क्यों न खड़ी हों।

(Deepanshi is student of MA (J&MC) 1st Semester of MAHARISHI UNIVERSITY OF INFORMATION & TECHNOLOGY)

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