यादों में हमेशा ज़िंदा रहेंगे 50 साल तक बजाज ग्रुप के चेयरमैन रहे राहुल बजाज

Report by Sapna Kumari.

देश के दिग्गज बिजनेसमैन और बजाज ग्रुप के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज का हृदय सम्बन्धी रोग के कारण शनिवार को निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे। राहुल बजाज के दादा जमनालाल बजाज एक स्वतंत्रता सेनानी थे , जिन्होंने 1926 में बजाज कंपनी की शुरुआत थी। जमनालाल के बेटे कमलनयन बजाज ने 1942 में बजाज ग्रुप को संभाला और इसके बाद बजाज ऑटो (Bajaj Auto) की शुरुआत हुई।

राहुल बजाज कोलकाता में जन्मे थे

राहुल बजाज का जन्म 1938 में कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद वह बॉम्बे यूनिवर्सिटी अपनी पढ़ाई पूरी करने गए। फिर अमेरिका के हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल से उन्होंने एमबीए (MBA) किया। अमेरिका से आकर वह 1965 में बजाज ऑटो में काम करने लगे और तीन साल बाद 1968 में कंपनी के सीईओ बने।

बिजनेस को दिया नया मुकाम

राहुल बजाज ने 1965 में बजाज ग्रुप की जिम्मेदारी संभाली थी। उनकी अगुआई में बजाज ऑटो का टर्नओवर 7.2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक पहुंच गया और यह स्कूटर बेचने वाली देश की अग्रणी कंपनी बन गई। वे 50 साल तक बजाज ग्रुप के चेयरमैन रहे। 2005 में राहुल ने बेटे राजीव को कंपनी की कमान सौंपनी शुरू की थी। तब उन्होंने राजीव को बजाज ऑटो का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया था, जिसके बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में कंपनी के प्रोडक्ट की मांग न सिर्फ घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ गई।

राहुल बजाज को मिले कई पुरस्कार और सम्मान

राहुल बजाज ने राजनीति में भी अपना योगदान दिया और राज्यसभा के सांसद रहे। वे 2006 से 2010 के बीच राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे। राहुल बजाज को उद्योग जगत में योगदान देने के लिए पद्म भूषण से सम्मानित भी किया गया था। 2001 में उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ नामक फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा गया है। 1979-80 और 1999-2000 में दो बार राहुल बजाज भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष चुने गए । भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति, प्रणब मुखर्जी ने उन्हें 2017 में लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए सीआईआई राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया। राहुल बजाज ने पिछले साल अपनी उम्र के कारण पद छोड़ने का फैसला किया था।

2001 में राहुल बजाज को राष्ट्रपति के आर नारायण ने पद्म भूषण अवॉर्ड का सम्मान दिया था।

ह्रदय और फेफड़ों के रोग से कुछ दिनों से परेशान थे

रूबी हॉल क्लिनिक के चेयरमैन डॉ. परवेज़ ग्रांट ने बताया कि उद्योगपति राहुल बजाज का शनिवार दोपहर 2:30 बजे पुणे के रूबी क्लिनिक में निधन हुआ। डॉ. ग्रांट के मुताबिक उनका पिछले एक महीने से हृदय और फेफड़ों से संबंधित समस्याओं का इलाज चल रहा था।

(Sapna is student of BA-JMC first year from Maharishi University Of Information Technology, Noida)

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