राष्ट्रपति के अभिभाषण की अहम बातें; किसानों, महिला सशक्तिकरण को लेकर गिनाए काम

Report By Deepanshi Sharma.

संसद के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ शुरू हुए बजट सत्र में महामहिम ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने सरकार के काम गिनवाए। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि देश में 80 फीसदी किसान छोटे किसान ही हैं, जिनका देश में अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को एक लाख 80 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस निवेश से कृषि क्षेत्र में आज बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं।

बजट सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों का स्वागत किया

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना वायरस से उत्पन्न वैश्विक महामारी का ये तीसरा वर्ष है।  इस दौरान हमने भारत के लोगों का अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को और मजबूत होते देखा है। उन्होंने कहा कि हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज लगाने का रिकॉर्ड पार किया। आज हम पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन डोज देने वाले देशों में से एक हैं। इसके साथ ही बजट सत्र की शुरूआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों का स्वागत किया और कहा कि आज की वैश्विक स्थिति में भारत के लिए बहुत सारे अवसर हैं। यह सत्र देश की आर्थिक प्रगति, टीकाकरण कार्यक्रम, मेड इन इंडिया वैक्सीन के बारे में दुनिया में एक विश्वास पैदा करता है।

बजट सत्र में राष्ट्रपति ने बेटी-बेटे को समानता का दर्जा देते हुए क्या कहा

बजट सत्र में अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि महिला सशक्तिकरण देश की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है। बेटी-बेटे को दर्जा देते हुए महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरुषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को महत्व दिया और भारत को उसके अधिकार दिलाए। आजादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा- पूर्वक स्मरण करता हूं। उन्होंने कहा मुद्रा योजना के माध्यम से देश की माताओं-बहनों को नये संगठन का आरंभ और कौशल को बढ़ावा मिला। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पहल के अनेक सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। स्कूल में प्रवेश लेने वाली बेटियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है। सरकार के निर्णय से विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या में 2014 के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है।

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बजट सत्र में राष्ट्रपति कोविंद ने स्मार्टफोन को लेकर कही ये बातें

राष्ट्रपति ने कहा भारत विश्व में दूसरा बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बनकर उभरा है। भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। जीएसटी कलेक्शन पिछले कई महीनों से एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट की कीमत भी सबसे कम है। इसका बहुत बड़ा लाभ भारत की नौजवान पीढ़ी को मिल रहा है।

राष्ट्रपति के चंद शब्द  देश की सुरक्षा को लेकर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से डिफेंस सेक्टर में, विशेषकर रक्षा उत्पादन में, देश की आत्म-निर्भरता लगातार बढ़ रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 83 एलसीए तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट के निर्माण के लिए करार किए गए हैं। सरकार ने ऑर्डिनेन्स फैक्ट्रियों को 7 डिफेंस पी.एस.यू का रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रपति ने कहा, हमने अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अस्थिरता और नाजुक हालात को देखा है। भारत ने इन परिस्थितियों में मानवता को सबसे बढ़कर रखते हुए ऑपरेशन देवी शक्ति को संचालित किया। हमने हमारे कई नागरिकों और कई अफगान हिन्दू, सिख, को काबुल से सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया।

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खादी एक बार फिर छोटे उद्यम करने वाला का संबल बन रही

उन्होंने कहा कि आजादी  की लड़ाई में बापू के मार्ग दर्शन में देश की चेतना का प्रतीक रही खादी एक बार फिर छोटे उद्यम करने वाला का संबल बन रही है। सरकार के प्रयासों से 2014 की तुलना में देश में खादी की बिक्री तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा, सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। इस वित्त वर्ष के पहले 7 महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना, इसका प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर उत्साहित है। वही दूसरी ओर राष्ट्रपति कोविंद ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा 64 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है। इससे न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले संकटों के लिए भी देश को तैयार किया जा सकेगा।

(Deepanshi is student of MA-JMC first year from Maharishi University Of Information Technology, Noida)

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