73वें गणतंत्र दिवस पर झूम उठा पूरा देश, राजपथ पर बहुत खास रहा आयोजन

Report by Deepanshi Sharma.

पूरे देश में 73वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) का जश्र धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान देश की तरह-तरह की आन-बान-शान की झांकी देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद हुए करीब 26000 जवानों को नमन किया। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) का राजपथ पहुंचने के बाद हाथ जोड़कर स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ फिर रामनाथ कोविंद ने 21 तोपों की सलामी दी और परेड की शुरूआत हुई। पहली बार परेड के दौरान राजपथ पर 75 मीटर लंबाई और 15 फुट ऊंचाई के 10 स्क्रॉल प्रदर्शित किए गए। इस दौरान भारतीय वायुसेना के 75 विमानों का भव्य फ्लाई-पास्ट देखने को मिला।

यह भी पढ़ें- महर्षि यूनिवर्सिटी के लखनऊ-नोएडा कैंपस में उत्साहपूर्वक मनाया गया गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर पेश की गयीं तरह-तरह लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां

गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर देश के विभिन्न प्रांतों की झांकियों ने सुदंर प्रस्तुतियां देकर सभी का मनमोह लिया। कई प्रांतों व विभिन्न मंत्रालयों की झांकियों के साथ ही शास्त्रीय व लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां भी दी गयीं। वहीं हरियाणा की झांकी में ओलिंपिक खिलाड़ियों की सफलता को दर्शया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में कश्मीर की संस्कृति को दर्शाते हुए लोक नृत्य करते हुए कलाकारों ने दल की झांकी को शोभा प्रदान की। कर्नाटक की झांकी से पहले उत्तराखंड की झांकी में बद्रीनाथ मंदिर को दर्शया गया और इसी प्रगति की ओर बढ़ते उत्तराखंड की झांकी प्रदर्शित की गई। वहीं दूसरी ओर पंजाब की झांकी में स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के योगदान को दर्शाया गया। इस झांकी में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दर्शाया गया है। इसमें लाला लाजपत राय और उधम सिंह के नेतृत्व में साइमन कमीशन के खिलाफ माइकल ओ डायर को गोली मारने के विरोध को दर्शाया गया।

णतंत्र दिवस की झांकियों ने मन मोहा

हरियाणा की झांकी ने भी परेड में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया। ‘खेल में नंबर वन’ हरियाणा की थीम रही। वहीं परेड में गोवा की झांकी गोअन विरासत के प्रतीक पर आधारित थी। यह झांकी फोर्ट अगुआड़ा, डोना पाउला और पणजी में सार्थित आजाद मैदान में शहीदों के स्मारक को प्रदर्शित करती है। परेड में उत्तराखंड की झांकी में हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा, डोबरा-चंटी ब्रिज और बद्रीनाथ मंदिर को दर्शाया गया था। परेड में मेघालय की झांकी भी दिखाई गई। इस झांकी में एक महिला को बांस के उत्पादों को बुनते हुए दिखाया गया था। वहीं राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में DRDO की सामरिक शक्ति का प्रदर्शन किया गया। इसमें DRDO ने पनडुब्बी के लिए एयर इंडिपेंडेंट प्रोपलशन सिस्टम तकनीक दिखाई।

राजपथ में क्यों कम थी तालियों की गूंज

हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर परेड निकाली जाती है। इस परेड का लोगों में अलग ही क्रेज रहता है। लेकिन कोरोना की वजह से इस बार सीमित संख्या में ही लोगों की उपस्थितियां वहां तय की गई थी। ऐसे में लोग चाहकर भी परेड देखने राजपथ नहीं जा सके। इस परेड में वहीं लोग शामिल दिखे जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा रखी थी। ऐसे में जो परेड देखने का मन बना रहे थे, या जो निराश हो गए थे उनके लिए परेड को लेकर खास व्यवस्था की गई थी। इसे ऑनलाइन और टीवी द्वारा दिखाया गया। इस बार गणतंत्र दिवस पर कोरोना की वजह से न सिर्फ दर्शकों की संख्या सीमित की गई थी, बल्कि इस बार सेना के जवानों की संख्या, झांकियों की संख्या और अन्य गेस्ट की संख्या भी घटाई गई थी।

(Deepanshi is student of MA-JMC first year from Maharishi University Of Information Technology, Noida)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *