नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से शुरू होगा गणतंत्र दिवस का उत्सव

Report by Deepanshi Sharma

भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि गणतंत्र दिवस समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी शामिल होगी। अब 24 जनवरी की जगह 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से गणतंत्र दिवस समारोह शुरू होगा। इससे पहले सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। यह निणय इसलिए लिया था ताकि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनका सम्मान और सत्कार किया जा सके।

नेताजी सुभाष जी ने कैसे की थी जिंदगी में सफलता हासिल

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी सन् 1897 में ओडिशा के कटक में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था। जानकीनाथ बोस कटक शहर के बड़े मशहूर वकील थे। पहले वह सरकारी वकील थे, मगर बाद में उन्होंने निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने स्कॅटिस चर्च  कॉलेज से  दर्शनशास्र में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। साल 1919 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी के लिए इंग्लैंड पढ़ने गए थे।

तरह तरह से कैसे मनाया सरकार ने जयंतियों को……

सुभाष चंद्र बोस नेताजी के नाम से लोगों में लोकप्रिय हैं। जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का फोकस हमारे इतिहास और संस्कति के महत्वपूर्ण पहलुओं को याद करने पर केंद्रित रहा है। ये फैसला भी उसी के अंतर्गत लिया गया है। इससे पहले सरकार ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। 14 अगस्त को विभाजन भयावह स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा के कारण देश के लाखों नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को विभाजन भयावह स्मरण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती

31 अक्टूबर सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।  दरअसल इस दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में की गई थी।  26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रुप में मनाया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों को श्रद्धांजलि देना है।

(Deepanshi is student of MA-JMC Of Maharishi University Of Information Technology, Noida)

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