राष्ट्र की शांति, समृद्धि और विकास के लिए ‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ 17 नवम्बर से

  • नोएडा के महर्षि वैदिक परिसर-गेट नंबर 8 में 17 से 27 नवम्बर तक होगा भव्य स्तर पर आयोजन
  • प्रतिदिन सुबह 9. 30 बजे से दोपहर एक बजे तक और शाम 5 बजे से 7 बजे तक चलेगा महायज्ञ
  • महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित महायज्ञ में 1008 से ज्यादा आहूतियां प्रतिदिन डाली जाएंगी

नोएडा। मंत्रों के पवित्र स्वर। हवन का पावन और प्राकृतिक रोगनाशक वातावरण। यज्ञ की अद्भुत विकासवर्धक छटा। प्रकाण्ड विद्वानों की छत्र-छाया। यह सब कुछ एक साथ होगा। राष्ट्र की शांति, समृद्धि व विकास के संकल्प के साथ ‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ का आयोजन नोएडा के सेक्टर 110 स्थित महर्षि वैदिक परिसर में 17 से 27 नवम्बर तक होने जा रहा है। महायज्ञ प्रतिदिन सुबह 9. 30 बजे से दोपहर एक बजे तक और शाम 5 बजे से 7 बजे तक होगा। इसमें देश भर से आचार्य, पुरोहित और विद्वान पंडित मानव कल्याण के लिए देवताओं का आवाहन करेंगे। प्रतिदिन 1008 से ज्यादा आहूतियां लगातार 11 दिनों तक इस महायज्ञ में डाली जाएंगी। 100 कलश में गंगा जल भरकर यज्ञ परिसर को सुशोभित किया जायेगा। साढ़े चार फिट का प्रदान हवनकुंड तैयार किया गया है।

नोएडा के महर्षि नगर स्थित महर्षि वैदिक परिसर में ‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।

‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ का आयोजन महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट कर रहा है

नोएडा (गौतमबुद्धनगर) के महर्षि नगर स्थित महर्षि वैदिक परिसर-गेट नंबर 8 में होने वाला यह यज्ञ सृष्टि के पालनकर्ता भगवान श्री विष्णु की अनुकम्पा प्राप्त करने और जनकल्याण के लिए होगा। यह दिव्य महायज्ञ ब्रह्मलीन परमपूज्य महर्षि महेश योगी के दैवीय निर्देशन तथा उनकी प्रेरणा से महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

गढ़ मुक्तेश्वर में गंगा नदी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन करके गंगाजल कलश में लाया जाएगा

महायज्ञ के बारे में मुख्य आचार्य मनु भट्ट और आचार्य सतीश भट्ट ने बताया कि राष्ट्र की समृद्धि, शांति और विकास के लिए होने वाले इस यज्ञ के लिए 16 नवम्बर को गढ़ मुक्तेश्वर में गंगा नदी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन करके गंगाजल कलश में लाया जाएगा। इसके लिए पंडितों और वेद पाठियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जाएंगे। गंगाजल लेकर शोभा यात्रा के रूप में सभी महायज्ञ स्थल लौटेंगे। यह गंगाजल भरकर 100 कलशों का श्रृंगार करके उन्हें यज्ञशाला में पहुंचाया जाएगा। 17 नवम्बर को गणपति पूजा, स्वस्तिवाचन, रक्षासूत्र धारण, मातृका पूजन, महासंकल्प आदि के साथ कलश स्थापना, प्रदान कुंड अग्नि स्थापना आदि आयोजन होंगे। 18 नवम्बर की सुबह पूजन के साथ ही ‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ आरंभ हो जाएगा।

‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ के लिए रात-दिन काम तेजी से जारी है।

विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ में बड़ी संख्या में शामिल हों लोग- अजय प्रकाश श्रीवास्तव

‘श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ’ के आयोजक और महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की है कि राष्ट्र की शांति, समृद्धि और विकास के लिए होने वाले इस महायज्ञ में बड़ी संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें और इस आयोजन को सफल बनायें। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक इस बार होने वाला यह महायज्ञ पिछले 15 वर्षों की अपेक्षा बहुत भव्य स्तर पर किया जा रहा है। महायज्ञ 17 नवम्बर से शुरू होगा। पूर्णाहूति 27 नवम्बर को होगी।

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